मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर रीवा में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।
सीएम शिवराज का उद्बोधन-आज उन सभी को प्रणाम जिन्होंने देश को आज़ाद कराने में सर्वस्व न्योछावर किया।
तोपों के मुंह से कौन अकड़ अपनी छातियां अड़ाएगा।चूमेगा फन्दे कौन, गोलियां कौन वक्ष पर खाएगा
अपने हाथों अपने मस्तक फिर आगे कौन बढ़ाएगा,पूजे न शहीद गए तो फिर आजादी कौन बचाएगा।
आज मैं उन सभी कोरोना वारियर्स को भी प्रणाम करता हूँ जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए राष्ट्र को सर्वोपरि रखा और समाज की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
हमारा महान राष्ट्र जो सबके मंगल की कामना करता है, आज प्रगति और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
हमें पीएम श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर गर्व है, जिन्होंने आपदा को अवसर में बदला और देश को COVID19 जैसी गंभीर समस्या से बाहर निकाला।
COVID19 संक्रमण के कारण जब लॉकडाउन लागू हुआ तो हमने नागरिकों को हरसंभव सुविधा प्रदान की। मज़दूरों का पलायन हुआ तो उनके लिए वृहद स्तर पर ठहरने और भोजन की व्यवस्था की।
जब मैं मुख्यमंत्री बना तो प्रदेश पर COVID19 का संकट मंडरा रहा था। इससे निपटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। हमने बिना अवकाश लिए लगातार जनता की सेवा में सारी व्यवस्थाएँ बनाई। आप सभी के सहयोग से हम कोरोना को समाप्त करने जा रहे हैं।
COVID19 में हमारे जो श्रमिक भाई-बहन बाहर थे, हम उनको वापस लेकर आये।
श्रमिकों के लिए नि:शुल्क राशन की व्यवस्था की और ऐसे चुनौती के समय में मनरेगा और रोजगार सेतु के माध्यम से रोजगार प्रदान करने का काम किया
COVID19 के लॉकडाउन के समय हमने गरीब बन्धुओं को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया। पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी आपदा को अवसर में बदलना जानते हैं। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया तो हमने उसमें योगदान देने हेतु आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप बनाया।
COVID19 से लड़ते हुए हमने तय किया कि प्रदेश से माफियाओं को समूल नष्ट किया जाएगा। भूमाफिया, शराब-ड्रग माफिया, अवैध उत्खनन माफिया, गुंडे, बेटियों के साथ धोखाधड़ी करने वालों सहित समाज के सभी दुश्मन मध्यप्रदेश की धरती से साफ कर दिए जाएंगे,मिलावटखोर स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खेलते हैं।
मिलावटखोरों के विरुद्ध पहले 6 महीने की सजा का प्रावधान था, हमने बढ़ाकर 10 साल कर दिया है।
बेटियों की सुरक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हमने मध्यप्रदेश में पंख अभियान प्रारम्भ किया।
🇮🇳अगर मानसिकता बदलनी है तो सरकार के साथ समाज को भी आगे आना होगा।
🇮🇳हमने किसानों को लाभान्वित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी COVID19 काल में भी हमने गेहूँ उपार्जन के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सरकार बनने से अब तक किसानों के खातों में रु. 82,000 करोड़ से अधिक का लाभ दिया जा चुका है।_
🇮🇳प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान सम्मान निधि में किसानों को 6 हजार रुपये देने का फैसला किया।
🇮🇳हमने भी 4 हजार रुपये इसमें जोड़कर इसे दस हजार रुपये कर दिया।
_🇮🇳आत्मनिर्भरता की भव्य इमारत, सुशासन की नींव पर टिकी है। प्रदेश के नागरिकों के काम सरलता से हों, उन्हें अपने कार्यों हेतु चक्कर न लगाने पड़ें और बिना किसी कठिनाई के उन्हें सरकारी सेवाएँ प्राप्त हों, यही सुशासन का केन्द्र-बिन्दु है।



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