एक काॅल पर मिली जिन्दगी,तीन रक्तदाता फोन कटते ही चल दिये ब्लड बैंक
शायद इन पंक्तियों को आपने कही सुना होगा लेकिन इन पंक्तियों का अर्थ और उसका मर्म समझाया है तीन रक्तदाताओं ने। जिनमे एक राजमिस्त्री भी है । आपको यह तो पता ही होगा की राजमिस्त्री दिन भर मजदूरी कर के अपने परिवार का भरण पोषण करते है फिर भी अगर उसके मन में किसी के जीवन को बचाने का खयाल आता है तो बहोत ही पुनीत कार्य माना गया है ।
रक्त की आवश्यकता प्रतिदिन अस्पताल में भर्ती मरीजों को होती है।आवश्यकता की पूर्ति अधिकतम मरीज के परिजन व ब्लड बैंक से होती है जब रक्त के लिए तमाम जद्दोजहद के बाद भी रक्त नही मिलता जब कुछ समाजिक संस्थाओं के रक्तदाता फरिश्ता बनकर सामने आते हैं।
कुछ ऐसा ही देखने को मिला अमहिया जिला रीवा के निवासी मुनेन्दर प्रसाद उम्र 94 वर्ष अत्यंत गंभीर स्थिति होने पर उपचार हेतु संजय गाँधी स्मृति अस्पताल रीवा में भर्ती कराया गया जहाँ विशेषज्ञ डाॅ पीके सिंह के देख-रेख में इलाज चल रहा था।
इलाज के दौरान जाॅच में रक्त की कमी होना बताया।रक्त की व्यवस्था करने में जुटे परिजन द्वारा प्रयास जनजागरुकता समिति एवं सहयोगी संस्था माँ जानकी सेवा समिति से सम्पर्क कर मदद पहुँचाए जाने की मांग की गई जिस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए फोन कटते ही रक्तदाता आशीष गुप्ता एवम अदम्य साहसी राजमिस्त्री राजा ने आकस्मिक अवस्था में ब्लड बैंक चल दिये व पंहुच कर रक्तदान कर समाज में मानवता का परिचय दिया है।
वहीं प्रयास रक्तदान सेवा संगठन के समन्वयक अभिनव सिंह बघेल ने भोपाल एम्स में एक अज्ञात बालिका के अत्यंत गंभीर स्थिति में रक्तदान हेतु तुरंत अस्पताल पहुंच रक्तदान किया।
माँ जानकी सेवा समिति के प्रमुख इंजी. घनश्याम पटेल एवम प्रयास सेवा संगठन के सदस्यों की मुख्य भूमिका रही। इस अद्भुद और साहसिक कार्य के लिए प्रयास सेवा संगठन के प्रमुख अवनीश तिवारी , अमित शुक्ला एंव कई वरिष्ठ चिकित्सक, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवम समाजिक कार्यकर्ताओं ने रक्तदाताओं के स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना की है।

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