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‼️जुलाई में भी नहीं खोले जाएंगे स्कूल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए संकेत

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भोपाल| मध्य प्रदेश में जुलाई में भी स्कूल बंद रहेंगे| कोरोना  के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार अभी स्कूल नहीं खोलना चाहती| शनिवार को स्व सहायता समूह से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत दिए| हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि जून के अंत में बैठक कर समीक्षा की जायेगी उसके बाद ही आगे के फैसले किए जाएंगे। मैं इतना कह सकता हूं कि जुलाई में स्कूल बंद ही रहेंगे।

सीएम के बयान से साफ़ हो गया है कि अब मध्यप्रदेश में जुलाई में स्कूल नहीं खुलने वाले हैं। इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग 30 जून तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ शैक्षणिक संस्थाओं में छुटि्टयां घोषित कर चुका था। इसमें छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी स्कूल से अवकाश दिया गया है।

सीएम शिवराज ने शनिवार को मध्यप्रदेश के स्वसहायता समूहों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। सीएम ने कहा कोरोना के चलते उत्पन्न विषम परिस्थिति में एक करोड़ से अधिक मास्क बनाने का काम किया। कोविड19 से बचने के उपाय बताने और पेंटिंग के माध्यम से आपने लोगों को जागरुक भी किया, आप सभी बहनें इन कार्यों के लिए बधाई की पात्र हैं। स्व-सहायता समूह की हमारी बहनों की आमदनी बढ़े, इसके लिए हम प्रयासरत हैं।

*एक करोड़ तीन लाख बच्चों की यूनिफार्म बनाएंगे समूह*

मुख्यमंत्री ने कहा आप मास्क पहले से ही बना रही हैं। अब एक करोड़ तीन लाख बच्चों की यूनिफार्म बनाना है। इससे लगभग 400 करोड़ रुपये का काम हमारी स्वसहायता समूह की बहनों को मिलेगा। टेक होम राशन बनाने का काम भी हर साल लगभग 700 करोड़ रुपये का होता है। मुझे विश्वास है कि गर्भवती बहनों को दिया जाने वाला टेक होम राशन आप बनायेंगी, तो और बेहतर होगा, क्योंकि आप मां की ममता को अधिक बेहतर महसूस कर सकती हैं। आंगनवाड़ियों में टेक होम राशन के वितरण का काम भी स्वसहायता समूहों को दिया जायेगा। इसके अलावा मनरेगा योजना के अंतर्गत नर्सरी, गौशाला, पशु शेड, खेत तालाब, वृक्षारोपण का काम भी हमारी स्वसहायता समूह की बहनें करेंगी। हम अपनी स्वसहायता की बहनों से 90 हजार पीपीई किट बनवाकर अपनी मध्यप्रदेश पुलिस को देंगे, ताकि अपने कर्तव्य की पूर्ति करते हुए वे कोरोना से बच सकें। सीएम ने कहा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आत्मनिर्भर भारत की बात कही। आत्मनिर्भर का मतलब है कि अपनी जरूरत की चीजें, अपने यहां ही बनायेंगे। आत्मनिर्भर भारत के लिए हमने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का फैसला किया है। अपनी जरूरत की हर चीज हम मध्यप्रदेश में बनायेंगे। साबुन, तेल, सैनिटाइजर, टूथपेस्ट, कपड़े, अगरबत्ती, अचार, पापड़, दोना-पत्तल, मास्क, साड़ी जैसे अनेक काम आप सब बहनें सहज ही कर सकती हैं। ऐसे प्रयासों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनेगा।

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